मैं जिसकी मुस्कुराहटो पे जीता मरता था,
ये ज़िंदगी उसे हर रोज़ थोड़ा और रुलाती है…
उसकी खामोशी ही उसकी सबसे बड़ी पुकार है,
जो किसी बेपरवाह से बे-पनाह इश्क करते है।
हम में तो तुम ही हो, तुम्हारे दिल की खुदा जाने…!
ना मेरा यार अपना था, ना मेरा प्यार अपना था, काश ये दिल मान लेता ये सब सपना था…!!!
और किसी के पास कुछ न होकर भी यादें बोझ बन जाती हैं।
मुझे कौनसा इस दुनिया में दुबारा आना है ..!!
हिम्मत तो रखता हूँ दुनिया से जीत जाने की,
हँसना–हँसाना तो बस मेरा एक पुराना हुनर है।
लड़के दर्द दिल में दबाकर जीते रहते हैं।
हम भी अब खुद को छोड़कर किसी को पसंद नहीं करते।
मुझे देख कर मेरे गम बोले बड़ी देर लगा दी आने में…!
ज़ख़्म Sad Shayari in Hindi दिल में लिखे थे… लोगों ने मज़ाक समझ लिया,